Гашт аз андешаи он тарки ситами машраби мо
گشت از اندیشهٔ آن ترک ستم مشرب ما
Ҳамчуи тбхоли гиреҳ бар лаби мо матлаби мо
همچو تبخال گره بر لب ما مطلب ما
Сӯзи ишқ аз сари мо то дам охир наравад
سوز عشق از سر ما تا دم آخر نرود
Устихонӣ шуда чун шамъи зи доғати таби мо
استخوانی شده چون شمع ز داغت تب ما
Орзӯҳо ҳама дар пардаи дил пинҳон монад
آرزوها همه در پردهٔ دل پنهان ماند
Ҳарф матлаб нашунидааст касе аз лаби мо
حرف مطلب نشنیده است کسی از لب ما
Кавкаби толеъи мо дар дили шаби равшани гашт
کوکب طالع ما در دل شب روشن گشت
и субҳ наврӯз шуд аз файзи висолати шаби мо
صبح نوروز شد از فیض وصالت شب ما
Чашми бади давр аз он оташи рухсор ки дӯш
چشم بد دور از آن آتش رخسار که دوش
Сӯхти ҷӯё чу сапанд аз ғам ӯ кавкаби мо
سوخت جویا چو سپند از غم او کوکب ما