Чаҳ давргар ба забони ту дил мувофиқ нест
چه دور گر به زبان تو دل موافق نیست
Ки субҳ низ дар ин рӯзгор содиқ нест
که صبح نیز در این روزگار صادق نیست
Даво ба дард кунедам ки дар табиати дил
دوا به درد کنیدم که در طبیعت دل
Ҳавои кишвари осӯдагӣ мувофиқ нест
هوای کشور آسودگی موافق نیست
Ҳамеша силӣ ҷаврам навохт бар рухи дил
همیشه سیلی جورم نواخت بر رخ دل
Фиғон ки он санами дили навоз мушфиқ нест
فغان که آن صنم دل نواز مشفق نیست
Фиғони аҳли муҳаббати зи дард бедардӣ аст
فغان اهل محبت ز درد بی دردی است
Бинолад онкии зи бедоди ишқ , ошиқ нест
بنالد آنکه ز بیداد عشق، عاشق نیست
зи зулфи ваъда торӣ намӯдае дӯшам
ز زلف وعدهٔ تاری نموده ای دوشم
Хилофи аҳди сари мӯе аз ту лоиқ нест
خلاف عهد سر مویی از تو لایق نیست
Фурӯғи сидқи зи симоӣ ӯ мҷуи ҷӯё
فروغ صدق ز سیمای او مجو جویا
Чу шамъи онкии забон бо дилаш мувофиқ нест
چو شمع آنکه زبان با دلش موافق نیست