Ба чашми аҳли дили он ашк эътибор надошт
به چشم اهل دل آن اشک اعتبار نداشت
Ки лухти лухти ҷигарро ба рӯй кор надошт
که لخت لخت جگر را به روی کار نداشت
Кадоми шамъ дар ин тира хокдон афрӯхт
کدام شمع در این تیره خاکدان افروخت
Ки то саҳар ба раҳаши чашм интизор надошт
که تا سحر به رهش چشم انتظار نداشت
Мапурс ҳоди дил тираам ки аз дами субҳ
مپرس حاد دل تیره ام که از دم صبح
Кадоми рӯз ки ин оина ғубор надошт
کدام روز که این آینه غبار نداشت
зи сарву сӯсан ва гул дод худнамое дод
ز سرو و سوسن و گل داد خودنمایی داد
Хуши обу рангтарӣ аз ту навбаҳор надошт
خوش آب و رنگ تری از تو نوبهار نداشت
Ба кӯҳу дашту чамани тарҳи сайри афкандам
به کوه و دشت و چمن طرح سیر افکندم
Гулӣ ба ранги ту имрӯз рӯзгор надошт
گلی به رنگ تو امروز روزگار نداشت
Ниҳол онкӣ бишуд аз гудози тани сероб
نهال آنکه بشد از گداز تن سیراب
Чу нахли шамъи биҷузи шуълаи барг ва бор надошт
چو نخل شمع بجز شعله برگ و بار نداشت
Ҷамила буд арӯси ҷаҳон вале ҷӯё
جمیله بود عروس جهان ولی جویا
Ба чашми аҳли назари ранг эътибор надошт
به چشم اهل نظر رنگ اعتبار نداشت