Лаълати маро ба коми дили оби ҳаёти рехт

لعلت مرا به کام دل آب حیات ریخت

Гӯйии худои зи шираи ҷони ин наботи рехт

گویی خدا ز شیرهٔ جان این نبات ریخت

Ҳангомаи сози сад чу Зулайхо ва Юсуф аст

هنگامه ساز صد چو زلیخا و یوسف است

Таҳи ҷуръае ки ҳасани ту бар коиноти рехт

ته جرعه ای که حسن تو بر کاینات ریخت

Номи худо , лабати раг абрӣаст дирафшон

نام خدا، لبت رگ ابری است درفشان

Аз баси гуҳари злъли ту ҳасани нукоти рехт

از بس گهر زلعل تو حسن نکات ریخت

Ҳиндӯии чашми шӯхи ту аз сурхии хумор

هندوی چشم شوخ تو از سرخی خمار

Имрӯзи ранги майкада дар сўмноти рехт

امروز رنگ میکده در سومنات ریخت

Аз ҳасани сайри мояи маро дар сабуии дил

از حسن سیر مایه مرا در سبوی دل

Ҷӯё май нигоҳ ба қасди закоти рехт

جویا می نگاه به قصد زکات ریخت