То ниқоб аз оризи он сарви чаман пиро гирифт

تا نقاب از عارض آن سرو چمن پیرا گرفت

Лола аз шарми рухи лаълаши раҳ саҳро гирифт

لاله از شرم رخ لعلش ره صحرا گرفت

Ҷилвагар зи ойӣна нуқсон шавад ҳасани камол

جلوه گر ز آیینهٔ نقصان شود حسن کمال

То ба срўстон шудӣ кори қадат боло гирифт

تا به سروستان شدی کار قدت بالا گرفت

Дар фиғон чун кӯҳсор омад зи дард нола ам

در فغان چون کوهسار آمد ز درد ناله ام

Панҷаи бедоди дил то домат саҳро гирифт

پنجهٔ بیداد دل تا دامت صحرا گرفت

Донаи ёқӯт май резади сиришк аз дида аш

دانه یاقوت می ریزد سرشک از دیده اش

Ҳар ки коми дил аз он лаъли қадаҳ паймо гирифт

هر که کام دل از آن لعل قدح پیما گرفت

То насим оварад буии Лайлии моро ба дашт

تا نسیم آورد بوی لیلی ما را به دشت

Гул чу нақши по ба пешонии раҳ саҳро гирифт

گل چو نقش پا به پیشانی ره صحرا گرفت

Инбисоти хотиратро ғунчаи сон омода бош

انبساط خاطرت را غنچه سان آماده باش

Гар дилати имрӯз аз андеша фардо гирифт

گر دلت امروز از اندیشهٔ فردا گرفت

Бскаҳ аз по то сараши ҷӯёи ду рангӣ зоҳир аст

بسکه از پا تا سرش جویا دو رنگی ظاهر است

Сарви қадаши боҷ аз шохи гул раъно гирифт

سرو قدش باج از شاخ گل رعنا گرفت