Субҳдами хори чамани домони он дилҷӯ гирифт
صبحدم خار چمن دامان آن دلجو گرفت
То з рӯйу мӯӣ ӯ гули файзи ранг ва бӯ гирифт
تا ز روی و موی او گل فیض رنگ و بو گرفت
Ёфтам роҳи фаноро ҳамчуи шамъи субҳдам
یافتم راه فنا را همچو شمع صبحدم
Ҷабҳа андешаам то ҷой бар зону гирифт
جبههٔ اندیشهام تا جای بر زانو گرفت
Қатраи ашкам чу гавҳари баста май резади зчшм
قطرهٔ اشکم چو گوهر بسته میریزد زچشم
Бскаҳи дил аз срдмҳриҳои он бдхў гирифт
بسکه دل از سردمهریهای آن بدخو گرفت
Як сари мӯ кам накард аз длрбоииҳои ёр
یک سر مو کم نکرد از دلرباییهای یار
Хати магари сармашқи печу тоб аз он гесу гирифт
خط مگر سرمشق پیچ و تاب از آن گیسو گرفت
Ҳар кро дар хӯрд истеъдод ҷое дода анд
هر که را در خورد استعداد جایی دادهاند
Лолаи саҳро , гули чаман , сунбули канор ҷӯ гирифт
لاله صحرا، گل چمن، سنبل کنار جو گرفت
Рӯй он ойӣна рӯ мегирад аз мо бедилон
روی آن آیینه رو میگیرد از ما بیدلان
Бо вуҷӯди онкӣ кӣ ойӣна аз кас рӯ гирифт
با وجود آنکه کی آیینه از کس رو گرفت
Чашм ӯ , ойини таркон , зулф , кеши ҳиндӯон
چشم او، آیین ترکان، زلف، کیش هندوان
Мазҳаб оташ прессатон хол рӯй ӯ гирифт
مذهب آتشپرستان خال روی او گرفت
Ашк чун аз дил ҷудо шуд бар канор мо нишаст
اشک چون از دل جدا شد بر کنار ما نشست
Тифл бемодар ба пеш ҳар ки омад ху гирифт
طفل بیمادر به پیش هر که آمد خو گرفت
Гӯшагириро расонида ба миъроҷи қабул
گوشهگیری را رسانیده به معراج قبول
То дили овораи ҷӯёи гӯша абрӯ гирифт
تا دل آواره جویا گوشهٔ ابرو گرفت