Аз он , шукуфтагӣ эй бе ту гул ба боғ надошт

از آن، شکفتگی ای بی تو گل به باغ نداشت

Ки ҷоми лолаи биҷузи дард дар аёғ надошт

که جام لاله بجز درد در ایاغ نداشت

Кадоми қатраи ашкам фурӯ чакид аз чашм

کدام قطرهٔ اشکم فرو چکید از چشم

Ки обу ранги гули оташин доғ надошт

که آب و رنگ گل آتشین داغ نداشت

Басони шамъи турои пой то басари Фрсўд

بسان شمع ترا پای تا بسر فرسود

Чун дар ту буд аёни ӣнқадар суроғ надошт

چون در تو بود عیان اینقدر سراغ نداشت

Шудем бе ту саросари рӯи чаман чу насим

شدیم بی تو سراسر رو چمن چو نسیم

Гулӣ набӯд ки монанди лола доғ надошт

گلی نبود که مانند لاله داغ نداشت