Ором дар мақоми ризоӣ худо гирифт
آرام در مقام رضای خدا گرفت
Даст касе ки домани ол ъабо гирифт
دست کسی که دامن آل عبا گرفت
Бошад чу субҳ ҳар нафасаши мояи ҳаёт
باشد چو صبح هر نفسش مایهٔ حیات
Меҳрат ба дил ҳар онкии зсдқ ва сафо гирифт
مهرت به دل هر آنکه زصدق و صفا گرفت
Тарсам мабод санг шавад шишаи дилам
ترسم مباد سنگ شود شیشهٔ دلم
Аз баси зи срдмҳрии он биўФо гирифт
از بس ز سردمهری آن بیوفا گرفت
Дар пардаи шамеми гул аз шарм шуд ниҳон
در پرده شمیم گل از شرم شد نهان
Рангат чу аи зхмор май аз рух ҳаво гирифт
رنگت چو ا زخمار می از رخ هوا گرفت
Хӯни кадоми булбули бедил ба хоки рехт
خون کدام بلبل بیدل به خاک ریخت
Каз гули баҳори зар ба сипар хўнбҳо гирифт
کز گل بهار زر به سپر خونبها گرفت
Доғам ки имшаби оинаи занги баста ӣ
داغم که امشب آینهٔ زنگ بسته ی
Он ҳарзаи харҷи ҷилваи зи ма рӯнамо гирифт
آن هرزه خرج جلوه ز مه رونما گرفت
Ҷӯё ! зтлхкомӣ навмидӣ орамид
جویا! زتلخکامی نومیدی آرمید
Коми худ онкӣ аз дил бемуддао гирифт
کام خود آنکه از دل بی مدعا گرفت