Машав дили танг чун аз оризаши хати сари буруни орад
مشو دل تنگ چون از عارضش خط سر برون آرد
Ки ин ойӣнаи ҳасани дигар аз ҷавҳари буруни орад
که این آیینه حسن دیگر از جوهر برون آرد
Ба шавқи он гули рухсор аз булбул аҷаб набӯд
به شوق آن گل رخسار از بلبل عجب نبود
Ба ранги ғунчагар дар байзаи болу пари буруни орад
به رنگ غنچه گر در بیضه بال و پر برون آرد
Агар ашкии фурӯи резами зи мижгони хӯн май резад
اگر اشکی فرو ریزم ز مژگان خون می ریزد
Вагар оҳӣ барорам аз ҷигари ханҷари буруни орад
وگر آهی برآرم از جگر خنجر برون آرد
Дар мақсӯд афтод аз кафам дар баҳри навмидӣ
در مقصود افتاد از کفم در بحر نومیدی
Магари ғаввоси лутфи соқии кавсари буруни орад
مگر غواص لطف ساقی کوثر برون آرد
Аҷаб набӯд зи шавқи бодаи нӯшиҳои ман ҷӯё
عجب نبود ز شوق بادهنوشیهای من جویا
Чу лола аз ниҳоди санг агар соғари буруни орад
چو لاله از نهاد سنگ اگر ساغر برون آرد