Ҳар мавҷи хӯн ба синаи марои теғ кин занад
هر موج خون به سینه مرا تیغ کین زند
Он тундхуи зи ноз чу чин бар ҷабин занад
آن تندخو ز ناز چو چین بر جبین زند
Давр аз ту зарраи ман душмани ҳманд
دور از تو ذرهٔ من دشمن همند
Ҳар мавҷи хӯн ба шамъи дилам остин занад
هر موج خون به شمع دلم آستین زند
Мамнӯни ним згриаҳ ки шабҳои ҳиҷр ӯ
ممنون نیم زگریه که شبهای هجر او
Обӣ бар оташи дил андӯҳгин занад
آبی بر آتش دل اندوهگین زند
Чашми сифеди ман чу каф аз сар бадар равад
چشم سفید من چو کف از سر بدر رود
Ашкам чу ҷӯш дар ҷигар оташин занад
اشکم چو جوش در جگر آتشین زند
Ҷӯё чаро ба рӯй накӯи зоҳидии бидонад
جویا چرا به روی نکو زاهدان بداند
Одам буд ки таъни рух гандумин занад
آدم بود که طعن رخ گندمین زند