Бингар рух ба оташ метоб дода ро

بنگر رخ به آتش می تاب داده را

Ҳасани сафо ба гавҳар сероб дода ро

حسن صفا به گوهر سیراب داده را

Ҳрдми зи осмони забун каш расад шикаст

هردم ز آسمان زبون کش رسد شکست

Ҳамчун ҳубоби хона ба сайлоб дода ро

همچون حباب خانه به سیلاب داده را

Дар синаам зи шухии мижгони шикаста Эй

در سینه ام ز شوخی مژگان شکسته ای

Сад дашнае ба заҳри ситам об дода ро

صد دشنه ای به زهر ستم آب داده را

Монад зи нозҳо ки ба абрӯ кунад мудом

ماند ز نازها که به ابرو کند مدام

Чашми ту масти пушт ба миҳроб дода ро

چشم تو مست پشت به محراب داده را

Ҷӯё ба тарзи он ғазал бенишаст ин

جویا به طرز آن غزل بینش است این

‏ « монад дилами сафина ба гирдоб додаро » ‏

‏«ماند دلم سفینه به گرداب داده را»‏