Чашм бастани шамъи сон бетоб месозад маро
چشم بستن شمعسان بیتاب میسازد مرا
Вар ба рухсорати гушойам об месозад маро
ور به رخسارت گشایم آب میسازد مرا
Оташи рухсор ӯ нагузошт дар чашмам наме
آتش رخسار او نگذاشت در چشمم نمی
Бо вуҷӯди онкии ҳрдм об месозад маро
با وجود آنکه هردم آب میسازد مرا
Сандали дарди серум , аз дард месомон макун !
صندل درد سرم، از درد می سامان مکن!
Ман ки махмурами шароб ноб месозад маро
من که مخمورم شراب ناب میسازد مرا
Гар тавонам кардан аз худ паҳлавии ҳиммати тиҳӣ
گر توانم کردن از خود پهلوی همت تهی
Осмон бо саркашӣ миҳроб месозад маро
آسمان با سرکشی محراب میسازد مرا
Бо вуҷӯди онкии ҷӯё дар гудози ҳайратам
با وجود آنکه جویا در گداز حیرتم
Лиззати саргаштагӣ гирдоб месозад маро
لذت سرگشتگی گرداب میسازد مرا