Дили софи ман аз вазъи ҷаҳон кулуфт наме гирад
دل صاف من از وضع جهان کلفت نمیگیرد
Балии ойӣнаи занг аз зиштӣ сӯрат наме гирад
بلی آیینه زنگ از زشتی صورت نمیگیرد
Тавонои сабрами кош май будӣ азин доғам
توانایی صبرم کاش میبودی ازین داغم
Ки дасти нотавонии доман тоқат наме гирад
که دست ناتوانی دامن طاقت نمیگیرد
Забон ҳар гиёҳӣ аз мол ҳастяш гуяд
زبان هر گیاهی از مآل هستیش گوید
Дили мо ғофилони зини хокдон ибрат наме гирад
دل ما غافلان زین خاکدان عبرت نمیگیرد
Чу танҳоӣ набошад аҳли дилро маҷлиси ороӣ
چو تنهایی نباشد اهل دل را مجلسآرایی
Дили арбоби ваҳдати ҳаргиз аз хилват наме гирад
دل ارباب وحدت هرگز از خلوت نمیگیرد
зи файзи нотавонии мансаби ворастагии ёбӣ
ز فیض ناتوانی منصب وارستگی یابی
Ки дасти зӯри ҳаргизи доман давлат наме гирад
که دست زور هرگز دامن دولت نمیگیرد
зи омезиши чунон Ром карда анқои дилами ҷӯё
ز آمیزش چنان رم کرده عنقای دلم جویا
Ки бо ваҳшати ҳам ин бегонаи ху улфат наме гирад
که با وحشت هم این بیگانهخو الفت نمیگیرد