Шаб ки урён ба бар он шӯхи қадаҳи нӯшам буд

شب که عریان به بر آن شوخ قدح نوشم بود

Як бағали нур чу фонӯс дар оғӯшам буд

یک بغل نور چو فانوس در آغوشم بود

Абр раҳмат шуд ва борид ба дили мояи файз

ابر رحمت شد و بارید به دل مایهٔ فیض

Гавҳар чанд ки аз лаъли ту дар гӯшам буд

گوهر چند که از لعل تو در گوشم بود

Ончии минои фалаки рехт ба паймонаи меҳр

آنچه مینای فلک ریخت به پیمانهٔ مهر

Бетакаллуф наме аз соғари сари ҷӯшам буд

بی تکلف نمی از ساغر سر جوشم بود

Шукр каз ишқи сбкбори таъаллуқ шуда ам

شکر کز عشق سبکبار تعلق شده ام

Орзӯи кӯҳи гаронӣ ба сари дӯшам буд

آرزو کوه گرانی به سر دوشم بود

Чун зи худ дар раҳ бепо ва сиррӣ ме рафтам

چون ز خود در ره بی پا و سری می رفتم

Бештари нолаи неи роҳи зани ҳушам буд

بیشتر نالهٔ نی راه زن هوشم بود

Шавад дар гунбади гардуни шаби ҳиҷрони ҷӯё

شود در گنبد گردون شب هجران جویا

То саҳаргаҳи зФғони лаби хомӯшам буд

تا سحرگه زفغان لب خاموشم بود