Моҳи ман аз боми қасри имрӯз чун сар баркашид

ماه من از بام قصر امروز چون سر برکشید

Офтоб аз субҳдами сар дар таҳ чодар кашид

آفتاب از صبحدم سر در ته چادر کشید

намеравад беруни зи оғӯшаши тан аз ҷӯши сафо

می رود بیرون ز آغوشش تن از جوش صفا

Ҳамчуи моҳи чордаҳ то хешро дар баркашид

همچو ماه چارده تا خویش را در برکشید

Парниёни ранги он рухсор аз бас нозук аст

پرنیان رنگ آن رخسار از بس نازک است

Чашмам аз тори нигаҳи ин сафҳаро мстр кашид

چشمم از تار نگه این صفحه را مسطر کشید

Дар тарозуии тамизи мо буд ноқиси айёр

در ترازوی تمیز ما بود ناقص عیار

Хоки кӯии ёрро ҳар кас ки бо гавҳар кашид

خاک کوی یار را هر کس که با گوهر کشید

Моҳи нав беминнат хуршед шуд бадари тамом

ماه نو بی منت خورشید شد بدر تمام

То ба тоқи абрӯии мардонаи ?ут соғар кашид

تا به طاق ابروی مردانه ات ساغر کشید

Аз заъифӣ дар намеояд ба ҳар андеша Эй

از ضعیفی در نمی آید به هر اندیشه ای

Ҳар мусаввир кӣ тавонад сӯрат лоғар кашид

هر مصور کی تواند صورت لاغر کشید

Ҳамчуи хуршеди барин тоҷи сар афлок шуд

همچو خورشید برین تاج سر افلاک شد

Ҳар ки ӯ ҷӯё ба истиғнои сар аз афсар кашид

هر که او جویا به استغنا سر از افسر کشید