Аз рафтанати хушии зи чаман давр ме шавад
از رفتنت خوشی ز چمن دور می شود
Ҳар ғунчаи гулии дил ранҷур ме шавад
هر غنچهٔ گلی دل رنجور می شود
Аз бедимоғӣам сари гулгашт боғ нест
از بی دماغی ام سر گلگشت باغ نیست
Конҷои зи шӯри хандаи гул шӯр ме шавад
کآنجا ز شور خندهٔ گل شور می شود
Золим макун ситам ба заъифон ки рӯзи ҳашар
ظالم مکن ستم به ضعیفان که روز حشر
Ҳар мӯри сад баробар занбӯр ме шавад
هر مور صد برابر زنبور می شود
Монанди реги шишаи соъати аҷаби мадон
مانند ریگ شیشهٔ ساعت عجب مدان
Гар гӯри хоксори пар аз нур ме шавад
گر گور خاکسار پر از نور می شود
эй дил ҷароҳатат напазирад алоҷи кас
ای دل جراحتت نپذیرد علاج کس
Чун гули зи бахяи захми ту носур ме шавад
چون گل ز بخیه زخم تو ناسور می شود
Ҳар рӯз инчунин ки шавад рӯзгори танг
هر روز اینچنین که شود روزگار تنگ
Ин арсаи рафтаи рафтаи дил мӯр ме шавад
این عرصه رفته رفته دل مور می شود
Аз ҷӯши орзӯи дили абнои рӯзгор
از جوش آرزو دل ابنای روزگار
Пуршӯртар зи хона занбӯр ме шавад
پرشورتر ز خانهٔ زنبور می شود
Ҷӯёи зи шавқи ҷони супурд ё алӣ , агар
جویا ز شوق جان سپرد یا علی، اگر
Донад ки бо сегон ту маҳшур ме шавад
داند که با سگان تو محشور می شود