Чун нигоҳии сӯии ман зон чашми махмури афканд
چون نگاهی سوی من زان چشم مخمور افکند
Дил тапиданҳо маро аз базм ӯ даври афканд
دل تپیدنها مرا از بزم او دور افکند
Бскаҳ дар дили ноларо дуздидаам аз шарми ғайр
بسکه در دل ناله را دزدیده ام از شرم غیر
Қатраи ашкам ба дарё гар фитад шӯри афканд
قطرهٔ اشکم به دریا گر فتد شور افکند
Дашти вусъати машрабии ранги ҷаҳони тоза Эй
دشت وسعت مشربی رنگ جهان تازه ای
наметавонад дар фазои дидаи мӯри афканд
می تواند در فضای دیدهٔ مور افکند
Аз шароби ҷилва ?ут ёбад чамангар хуррамӣ
از شراب جلوه ات یابد چمن گر خرمی
Ҷоми лолаи доғро чун дард май даври афканд
جام لاله داغ را چون درد می دور افکند
То кӣ аз бедоди мижгони ту ҳар шаб то саҳар
تا کی از بیداد مژگان تو هر شب تا سحر
Бистари роҳати дилам бар неши занбӯри афканд
بستر راحت دلم بر نیش زنبور افکند
Бскаҳ аз сар то бпои ҷӯё намак дорад чаҳ давр
بسکه از سر تا بپا جویا نمک دارد چه دور
Гар зи ҳам оғӯшяш дар баҳру кони шӯри афканд
گر ز همآغوشیش در بحر و کان شور افکند