Май ба ҷоми гул аз он рухсор зебо рехтанд
می به جام گل از آن رخسار زیبا ریختند
Ранги сарв аз сояи он қад раъно рехтанд
رنگ سرو از سایهٔ آن قد رعنا ریختند
Хилвати дили равшан аз файз риёзат ме шавад
خلوت دل روشن از فیض ریاضت می شود
Шамъи ин базм аз гудози пайкар мо рехтанд
شمع این بزم از گداز پیکر ما ریختند
Хостам то дар хаёли орми шикваи ишқ ро
خواستم تا در خیال آرم شکوه عشق را
Чашм чун барҳам задам дар қатра дарё рехтанд
چشم چون برهم زدم در قطره دریا ریختند
Шарми ифшои ҳақиқати меҳр лаб шуд ҳар қадар
شرم افشای حقیقت مهر لب شد هر قدر
Софи мансӯрӣ ба ҷоми тоқат мо рехтанд
صاف منصوری به جام طاقت ما ریختند
Хуши нигоҳони имшаб аз ҳар ҷунбиши мижгони шӯх
خوش نگاهان امشب از هر جنبش مژگان شوخ
Таркиши тирии маро дар сина якҷо рехтанд
ترکش تیری مرا در سینه یکجا ریختند
Равшан аз кайфият маънӣаст базми ӣнҷо , магар
روشن از کیفیت معنی است بزم اینجا، مگر
Аз гудози шишаи дили шамъ мино рехтанд
از گداز شیشهٔ دل شمع مینا ریختند
Кам касе аз он ҳасани ним рангаш огаҳаст
کم کسی از آن حسن نیم رنگش آگهست
Маънӣӣ буд инки ҷӯё дар дил мо рехтанд
معنیی بود اینکه جویا در دل ما ریختند