Доимои хӯни дилам зон зулф ва кокул ме чакад

دایما خون دلم زان زلف و کاکل می‌چکد

Обу ранги гули нигар каз шох сунбул ме чакад

آب و رنگ گل نگر کز شاخ سنبل می‌چکد

Сарви рангин ҷилваам чун дар хиром ояд ба ноз

سرو رنگین‌جلوه‌ام چون در خرام آید به ناز

Хӯни хиҷлат аз пари товуси гул гул ме чакад

خون خجلت از پر طاووس گل‌گل می‌چکد

Дар гулистонӣ ки об аз ҷӯй икрнгӣ хӯрд

در گلستانی که آب از جوی یکرنگی خورد

Хӯни гули пайваста аз минқор булбул ме чакад

خون گل پیوسته از منقار بلبل می‌چکد

Гаштаам дар ишқ ӯ тирёкии трёқи сабр

گشته‌ام در عشق او تریاکی تریاق صبر

Бас ки зон теғи мижаи заҳр тағофул ме чакад

بس که زان تیغ مژه زهر تغافل می‌چکد

Зинҳор аз ҳам забонии файзи кайфияти мҷўӣ

زینهار از هم‌زبانی فیض کیفیت مجوی

Каз лабаши софи такаллум бетааммул ме чакад

کز لبش صاف تکلم بی‌تامل می‌چکد

Ҳирс дорад ташнаи сад орзӯи ҷӯёи маро

حرص دارد تشنهٔ صد آرزو جویا مرا

Варна оби гавҳар аз даст таваккул ме чакад

ورنه آب گوهر از دست توکل می‌چکد