На осон зон сари кӯи ошиқи бедил бурун ояд

نه آسان زان سر کو عاشق بیدل برون آید

зи ҷӯши гиря ҳайҳотаст по аз гул бурун ояд

ز جوش گریه هیهات است پا از گل برون آید

Муҷассам гашта ҳасани маънии гулшан ба ойинӣ

مجسم گشته حسن معنی گلشن به آیینی

Ки бӯ аз гул ба ранги Лайлӣ аз маҳмил бурун ояд

که بو از گل به رنگ لیلی از محمل برون آید

Чунон дар синаам бар рӯй ҳам бинишаста гирди ғам

چنان در سینه‌ام بر روی هم بنشسته گرد غم

Ки ашк аз чашми гирёни муҳраҳои гул бурун ояд

که اشک از چشم گریان مهره‌های گل برون آید

Шабӣ каз ёд рухсораш кунад дили маҷлиси ороӣ

شبی کز یاد رخسارش کند دل مجلس‌آرایی

зи лаби оҳам чу дӯди шамъ аз маҳфил бурун ояд

ز لب آهم چو دود شمع از محفل برون آید

Наме дар сина ам нагузошт сӯзи ғами магари зини пас

نمی در سینه‌ام نگذاشت سوز غم مگر زین پس

зи чашмам дар либоси ашки хӯни дил бурун ояд

ز چشمم در لباس اشک خون دل برون آید

Ҳамин дили мардро дар хоку хӯни аҷзи ғалтонад

همین دل مرد را در خاک و خون عجز غلتاند

Барояд бо ду оламгар касе бо дил бурун ояд

برآید با دو عالم گر کسی با دل برون آید

зи файзи гиряи бор ғам шавад чандон сабки ҷӯё

ز فیض گریه بار غم شود چندان سبک جویا

Ки ашк аз дидаи гӯйии уқдаҳои дил бурун ояд

که اشک از دیده گویی عقده‌های دل برون آید