Ба сайри боғ хиромон шуд оннигор имрӯз

به سیر باغ خرامان شد آن نگار امروز

Чаҳ мояи файз ки андӯхт навбаҳори имрӯз

چه مایه فیض که اندوخت نوبهار امروز

Дилами здиднши обӣ ки хӯрда буд имшаб

دلم زدیدنش آبی که خورده بود امشب

Фурӯ чакид змжгони ашкбори имрӯз

فرو چکید زمژگان اشکبار امروز

Буд зҷўштару тозагӣ ба рӯй ҳаво

بود زجوش تر و تازگی به روی هوا

Чу хурдаҳои гули оташини шарори имрӯз

چو خرده های گل آتشین شرار امروز

Ба ранги ҷавҳари теғ аз вуфӯр ҳайронӣ аст

به رنگ جوهر تیغ از وفور حیرانی است

Ки печу тоби дилами мондаи барқарори имрӯз

که پیچ و تاب دلم مانده برقرار امروز