Гул кӣ наад аз нози қадам бар сари булбул

گل کی نهد از ناز قدم بر سر بلبل

Бошад ба чамани сояи гули афсари булбул

باشد به چمن سایهٔ گل افسر بلبل

Дарёб дар ин боғи баҳори дами исо

دریاب در این باغ بهار دم عیسی

Ғофил машав аз нолаи ҷонпарвар булбул

غافل مشو از نالهٔ جان پرور بلبل

Ҷузи бода бӯят нашавад дафъи хуморам

جز بادهٔ بویت نشود دفع خمارم

Шуд накҳати гули сандали дарди сари булбул

شد نکهت گل صندل درد سر بلبل

Аз оҳи ман имрӯз чаҳ гулҳо ки тавон чид

از آه من امروز چه گلها که توان چید

Оташ ба дил афрӯхт садои пари булбул

آتش به دل افروخت صدای پر بلبل

Чашмами зи хаёли ту гулистон Ирам шуд

چشمم ز خیال تو گلستان ارم شد

Мади нигаҳами риштаи болу пари булбул

مد نگهم رشتهٔ بال و پر بلبل

Имшаби ҳамаи шаби дидаи дилами хоби парешон

امشب همه شب دیده دلم خواب پریشان

Бӯдааст магари болаши ман аз пари булбул

بوده است مگر بالش من از پر بلبل

Ҷӯё зада нохун ба дилами мисраи бениш

جویا زده ناخن به دلم مصرع بینش

Ҳар қатраи шабнам шудаи чашмтар булбул

هر قطرهٔ شبنم شده چشم تر بلبل