Кӣ ғамӣ аз по ва кӣ пурвой аз сари доштам
کی غمی از پا و کی پروای از سر داشتم
Зон қиёмати ҷилва дар дили шӯри маҳшари доштам
زان قیامت جلوه در دل شور محشر داشتم
Бо забони ҳол то ҳол дилам гуяд ба ёр
با زبان حال تا حال دلم گوید به یار
Номаи сад пора чун боли кабӯтари доштам
نامهٔ صد پارهٔ چون بال کبوتر داشتم
Аз назокат монад рухсор ӯ ҷои нигоҳ
از نزاکت ماند رخسار او جای نگاه
Чун зи бими ғайр аз рӯйиши назари бардоштам
چون ز بیم غیر از رویش نظر برداشتم
Заврақи тан бар канори васл ӯ чун ме расед
زورق تن بر کنار وصل او چون می رسید
Каз гронҷонӣ ба баҳри ишқи лангари доштам
کز گرانجانی به بحر عشق لنگر داشتم
То сияҳ мастем аз саҳбои савдои ту буд
تا سیه مستیم از صهبای سودای تو بود
Ман ба ранги лолаи ҷом аз косаи сари доштам
من به رنگ لاله جام از کاسهٔ سر داشتم
Офтоби ишқи барқи хирмани нихват буд
آفتاب عشق برق خرمن نخوت بود
Пеши пой ӯ ниҳодами ончӣ дар сари доштам
پیش پای او نهادم آنچه در سر داشتم
Обрӯ гирдоварӣ мекард ҷӯёи ҳамтем
آبرو گردآوری می کرد جویا همتم
По ба домони қаноат то чу гавҳари доштам
پا به دامان قناعت تا چو گوهر داشتم