Диҳад дилро ба сайлоби фанои серобии ашкам
دهد دل را به سیلاب فنا سیرابی اشکم
Хӯрд мижгон ба ҳам чун мавҷ аз бе тобии ашкам
خورد مژگان به هم چون موج از بیتابی اشکم
Ба боли мавҷ аз сарчашма чашмам кунад парвоз
به بال موج از سرچشمهٔ چشمم کند پرواز
Чу табл аз дил тапиданҳо хӯрд Мурғобии ашкам
چو طبل از دل تپیدنها خورد مرغابی اشکم
Ба бозори муҳаббати кас ба ҳеҷам барнаме дорад
به بازار محبت کس به هیچم برنمی دارد
Рух ҳамчун зарам лаълӣ шуд аз қуллобии ашкам
رخ همچون زرم لعلی شد از قلابی اشکم
Макун аз гиряи манъам дар шаби бедоди ҳиҷронаш
مکن از گریه منعم در شب بیداد هجرانش
Ки дилро заврақи тоқат шудаи гирдобии ашкам
که دل را زورق طاقت شده گردابی اشکم
Чу шамъи ёд ӯ афрӯхтам дар тангнои дил
چو شمع یاد او افروختم در تنگنای دل
Ҷигар шуд маҳшари парвона аз битобии ашкам
جگر شد محشر پروانه از بیتابی اشکم
Ба рӯзи бршколи гиря дар ҳинди шаби ҳиҷрон
به روز برشکال گریه در هند شب هجران
Шудаи банголаи доғи сияҳи сайлобии ашкам
شده بنگالهٔ داغ سیه سیلابی اشکم
Гирифтаи дидаи ҷӯёи иртифоъи толеъи дил ро
گرفته دیده جویا ارتفاع طالع دل را
Бибин дар панҷаи мижгонами устурлобии ашкам
ببین در پنجهٔ مژگانم اسطرلابی اشکم