Асири печиши он турраи шикани гирам
اسیر پیچش آن طره شکن گیرم
зи мавҷи накҳат сунбул кунанд занҷирам
ز موج نکهت سنبل کنند زنجیرم
зи ҳайратам чаҳ аҷаб гар бимонад аз рафтор
ز حیرتم چه عجب گر بماند از رفتار
Ба рӯй оби равонгар кашанди тасвирам
به روی آب روان گر کشند تصویرم
Марои зи заъф ба дили тоқат гусастан нест
مرا ز ضعف به دل طاقت گسستن نیست
Гар аз сиришк буд донаҳои зниҷрм
گر از سرشک بود دانه های زنیجرم
Лаби сухани нгшоими абас ки ҳамчуи китоб
لب سخن نگشایم عبث که همچو کتاب
Аёни з парда хомӯшӣаст тақрирам
عیان ز پردهٔ خاموشیست تقریرم
Ба синаи ғунча пайкон шавад марои гули доғ
به سینه غنچه پیکان شود مرا گل داغ
Ҷудои зи гулшани кӯии ту бскаҳи дилгирам
جدا ز گلشن کوی تو بسکه دلگیرم
Чу рехти дасти қазои ранг сӯрат ҳастӣ
چو ریخت دست قضا رنگ صورت هستی
зи печу тоби раг барқ кард таҳрирам
ز پیچ و تاب رگ برق کرد تحریرم
Шавам зи дашти навардии асиртар ҷӯё
شوم ز دشت نوردی اسیرتر جویا
Ки ҳамчуи хонаи ду нақши пои занҷирам
که همچو خانه دو نقش پای زنجیرم