Мо миннати марҳам ба ҷароҳат напасандем

ما منت مرهم به جراحت نپسندیم

Бар захми ҷигари сӯхтаи доғи ту бандем

بر زخم جگر سوختهٔ داغ تو بندیم

Чун ғунча буд хуррамии мо зи ғами ишқ

چون غنچه بود خرمی ما ز غم عشق

То дил ба раҳ дӯст набозем , нхндим

تا دل به ره دوست نبازیم، نخندیم

Сӯзем гуҳ дидани ағёр ба рӯят

سوزیم گه دیدن اغیار به رویت

Дар дафъи газанди назари бад чу сапандем

در دفع گزند نظر بد چو سپندیم

Моием ки бо дидаи доими назарбоз

ماییم که با دیدهٔ دایم نظرباز

Аз ҳалқа бигӯашон хам зулф камандем

از حلقهٔ بگوشان خم زلف کمندیم

Аз пастии мо ртиаҳ иқбол фузунаст

از پستی ما رتیهٔ اقبال فزونست

Мо хок нишин ғами он сарв баландем

ما خاک نشین غم آن سرو بلندیم

Афсӯс ки лухти ҷигар чанд зи мижгон

افسوس که لخت جگر چند ز مژگان

Имшаби бмроди дили ҷӯёи нФкндим

امشب بمراد دل جویا نفکندیم