Чу ёфт лиззати бедоди ханҷари мижгон

چو یافت لذت بیداد خنجر مژگان

Дилам чу дида биёсуд дар бар мижгон

دلم چو دیده بیاسود در بر مژگان

Ба шавқ диданат аз ҷой шуд чунон нигаҳам

به شوق دیدنت از جای شد چنان نگهم

Ки ҳамчу шамъ нишастааст бар сари мижгон

که همچو شمع نشسته است بر سر مژگان

Рагами буруни ҷаҳд аз пӯсти ҳамчуи тори рубоб

رگم برون جهد از پوست همچو تار رباب

Ки назораи ?ут аз шавқ нашутур мижгон

که نظاره ات از شوق نشتر مژگان

Ба сайли ашки тани лоғарами з ҷо ме рафт

به سیل اشک تن لاغرم ز جا می رفت

Агар нигоҳ намедошт лангари мижгон

اگر نگاه نمی داشت لنگر مژگان

зи бас ба тори нигоҳам гиреҳ фитод зи ашк

ز بس به تار نگاهم گره فتاد ز اشک

намерасад шаби васли ту то сари мижгон

نمی رسد شب وصل تو تا سر مژگان

Наме зи сӯз фироқаш намонда дар ҷигарам

نمی ز سوز فراقش نمانده در جگرم

Ҳамеша бошам ҷӯё аз онтар мижгон

همیشه باشم جویا از آن تر مژگان