Касе надидаи надомати зи тораки дунё
کسی ندیده ندامت ز تارک دنیا
Гузиданӣ набӯд пушти дасти истиғно
گزیدنی نبود پشت دست استغنا
Чу дил шукуфта шавад лаб ба ханда ме ояд
چو دل شکفته شود لب به خنده می آید
Ниҳон чу ғунча буд барги айш дар дили мо
نهان چو غنچه بود برگ عیش در دل ما
Насими боғ азон май баради зҷо ки марост
نسیم باغ ازان می برد زجا که مراست
Ба ранги мурғи саҳари болу пари зи мавҷи ҳаво
به رنگ مرغ سحر بال و پر ز موج هوا
Чаҳ мояи файз ки олами зи нур субҳ андӯхт
چه مایه فیض که عالم ز نور صبح اندوخت
Мадори дасти зи арбоби сидқу аҳли сафо
مدار دست ز ارباب صدق و اهل صفا
Ба ком дил нарисӣ нагузаригар аз сомон
به کام دل نرسی نگذری گر از سامان
зи тарк барг тавонад расед не ба наво
ز ترک برگ تواند رسید نی به نوا
Чу қатраи арақи шарм бар рухи номӯс
چو قطرهٔ عرق شرم بر رخ ناموس
Хамири гавҳар ӯ шуд ба обрӯии ҳаё
خمیر گوهر او شد به آبروی حیا
и зи ҷои нигоҳи сияҳи маст ӯ наёрад хост
ز جا نگاه سیه مست او نیارد خاست
Кунадгар аз мижгони такя бар ҳазор Асо
کند گر از مژگان تکیه بر هزار عصا
зи сайдгоҳи ту ҷустан наме тавон ки турост
ز صیدگاه تو جستن نمی توان که تراست
Хаданги ғамзаи камони абрӯу балои боло
خدنگ غمزه کمان ابرو و بلا بالا
Ҳазари зи софи дилони замона кин қавманд
حذر ز صاف دلان زمانه کاین قومند
Ба рӯяти оинау теғи сайқалии зи қафо
به رویت آینه و تیغ صیقلی ز قفا
Мадори чашми гушоиши зи ёрии дунон
مدار چشم گشایش ز یاری دونان
Ки уқдае натавонад гушӯд нохуни по
که عقده ای نتواند گشود ناخن پا
Сазад агар ба забонҳо фитад дили сияҳ аш
سزد اگر به زبانها فتد دل سیه اش
Забон ҳар ки буд бархилофи дил гуё
زبان هر که بود برخلاف دل گویا
Умеди баҳрае аз зодаҳои табъам нест
امید بهره ای از زاده های طبعم نیست
Ки дидаи баҳри з гавҳар сетанд оби баҳо
که دیده بحر ز گوهر ستاند آب بها
Хуши он ҳариф ки доим ба теғи қатъи назар
خوش آن حریف که دایم به تیغ قطع نظر
Бурӣдаи ҳиммат ӯ аз ҷаҳону моФиҳо
بریده همت او از جهان و مافیها
Набарда соъиқаи ишқи раҳи ббўму барӣ
نبرده صاعقهٔ عشق ره ببوم و بری
Фитодааст ҳамоно ба водии дили мо
فتاده است همانا به وادی دل ما
Кушода нест ба рӯй дилат дар файзӣ
گشاده نیست به روی دلت در فیضی
зи ишқи перҳани сабрат ар нагашта қабо
ز عشق پیرهن صبرت ار نگشته قبا
Кадоми шаб ки накарда ба чашми анҷуми ашк
کدام شب که نکرده به چشم انجم اشک
Гирифтаи кори ғубори дилами зи баси боло
گرفته کار غبار دلم ز بس بالا
Дилами гуҳӣ ки з дардат биноладу бтпд
دلم گهی که ز دردت بنالد و بطپد
Чаҳ чокҳо ки науфтад ба синаам чу даро
چه چاکها که نیفتد به سینه ام چو درا
Чунин ки дида ба ӯ дӯхтам ҷудо нашавад
چنین که دیده به او دوختم جدا نشود
Чу холи мардуми чашмам аз он рухи зебо
چو خال مردم چشمم از آن رخ زیبا
Фурӯтанӣаст бар аҳли дили сарафрозӣ
فروتنی است بر اهل دل سرافرازی
Ба хоки нақши қадам то нишаст хост зҷо
به خاک نقش قدم تا نشست خاست زجا
Сухани сроншўд бо забони хомӯшӣ
سخن سرانشود با زبان خاموشی
Агар на хомаи рақамро басар фишорад по
اگر نه خامه رقم را بسر فشارد پا
Замони айши збс танг шуд дарин равон
زمان عیش زبس تنگ شد درین روان
Чу ранги рӯи пурд аз дасти халқи ранги ҳино
چو رنگ رو پرد از دست خلق رنگ حنا
зи файзи вусъати машраб тафовутӣ набӯд
ز فیض وسعت مشرب تفاوتی نبود
зи пардаҳои дилам то ба домани саҳро
ز پرده های دلم تا به دامن صحرا
Ним чу оинаи сӯрати параст аз онкии мудом
نیم چو آینه صورت پرست از آنکه مدام
Маро ба ҳасан маъонӣаст чашми дили бино
مرا به حسن معانیست چشم دل بینا
зи файзи софии тинати марои зи сина буд
ز فیض صافی طینت مرا ز سینه بود
Чу шамъи хилвати фонӯси рози дили пайдо
چو شمع خلوت فانوس راز دل پیدا
зи ишқ гарчи чу мавҷаст ҳабиби сабрами чок
ز عشق گرچه چو موج است حبیب صبرم چاک
Ба покдомании ман қисм хӯрд дарё
به پاکدامنی من قسم خورد دریا
Манам ки бар сари иқбол хештан зада ам
منم که بر سر اقبال خویشتن زده ام
Гули итоати султони Ясрибу бтҳо
گل اطاعت سلطان یثرب و بطحا
Матоъи халқ , шафиъамам ҳабиби худо
مطاع خلق، شفیع امم حبیب خدا
Расӯли холиқи кунин хоҷаи ду саро
رسول خالق کونین خواجهٔ دو سرا
Шҳншҳӣ ки камари баста дар мтобътш
شهنشهی که کمر بسته در متابعتش
Эмоми мФтрзи алтоъаҳи шоҳи қалъаи гшо
امام مفترض الطاعه شاه قلعه گشا
Шаҳӣ ки сояи дасти ҳимояташ ба серум
شهی که سایهٔ دست حمایتش به سرم
Ҳазор бори накӯтар буд зболи ҳумо
هزار بار نکوتر بود زبال هما
Шаҳӣ ки чӯбакӣ дар гуҳаш чу тири хаданг
شهی که چوبکی در گهش چو تیر خدنگ
Ба қалб хасм занад хешро тан танҳо
به قلب خصم زند خویش را تن تنها
Вуҷӯд ӯст нахустин гули ҳдиқаҳи сунъ
وجود اوست نخستین گل حدیقهٔ صنع
Сазост булбули он гули ҷаҳону моФиҳо
سزاست بلبل آن گل جهان و مافیها
Ҳазор шукр ки бошад ба хобу бедорӣ
هزار شکر که باشد به خواب و بیداری
Бдргаҳи ту маро рӯй дил чу қиблаи намо
بدرگه تو مرا روی دل چو قبله نما
з бим наҳй ту дар базми бодаи мавҷи шароб
ز بیم نهی تو در بزم باده موج شراب
Кунад ба чашми қадаҳи кори резаи мино
کند به چشم قدح کار ریزهٔ مینا
Чунон змҳтсб наҳй ту ҳросонст
چنان زمحتسب نهی تو هراسانست
Ки талх мекунад ӯ рӯзгор бар саҳбо
که تلخ می کند او روزگار بر صهبا
Ба зрдрўӣӣ хасмат фузуд давлати даҳр
به زردروئی خصمت فزود دولت دهر
Ба фарз гашта рақами сарнавишташ ар ба тилло
به فرض گشته رقم سرنوشتش ار به طلا
Марази гурезад аз ӯ ҳамчуи одамӣ аз марг
مرض گریزد از او همچو آدمی از مرگ
Ксикаҳ карда ба хок дар ту астшФо
کسیکه کرده به خاک در تو استشفا
Хуши онкии роҳи бдороломони ҳифзи ту барад
خوش آنکه راه بدارالامان حفظ تو برد
Ба ҳам намерасад онҷои мараз барои даво
به هم نمی رسد آنجا مرض برای دوا
Гиреҳ шудааст марои арзи матлабӣ бар лаб
گره شده است مرا عرض مطلبی بر لب
Ту бо аномли файзи худ ин гиреҳ бигушо
تو با انامل فیض خود این گره بگشا
Саги васии ту клби алии олии қадар
سگ وصی تو کلب علی عالی قدر
зи ман ҷудо шуда монанди узви рафтаи зи ҷо
ز من جدا شده مانند عضو رفته ز جا
Ба ҳақи шоҳи шаҳидони ҳусайни ибни алӣ
به حق شاه شهیدان حسین ابن علی
Ки ӯст гашта мулаққаб ба Сайидошуҳадо
که اوست گشته ملقب به سیدالشهدا
Дили маро ба висолаши зи қайди ғами бурҳон
دل مرا به وصالش ز قید غم برهان
Ки пушти тоқатам аз бор фурқатаст дўто
که پشت طاقتم از بار فرقت است دوتا
Дигар ба пеш ки нолами кро васила кунам
دگر به پیش که نالم کرا وسیله کنم
Ки ҷузи ту арзи муҳимотро кунад асғо
که جز تو عرض مهمات را کند اصغا
Азин қасидаам изҳор бандагӣаст мурод
ازین قصیده ام اظهار بندگی است مراد
Вагарнаи неъмати ту гуфтани кро буд ёро
وگرنه نعمت تو گفتن کرا بود یارا
Чу ҳақи неъмати сроӣӣ змн наме ояд
چو حق نعمت سرائی زمن نمی آید
Кунун баҷост агар мухтасар кунам ба дуо
کنون بجاست اگر مختصر کنم به دعا
Ба шарти меҳри ту бодои ҷазои халқи биҳишт
به شرط مهر تو بادا جزای خلق بهشت
Ба рӯзгор буд то ки расми шарту ҷазо
به روزگار بود تا که رسم شرط و جزا