Биҳамдиллоҳи пас аз тҳмид омад
بحمدالله پس از تحمید آمد
Забонами наъти пирои Муҳамад
زبانم نعت پیرای محمد
Чу гаштам аз зуҳӯри наъти сармаст
چو گشتم از ظهور نعت سرمست
Задам бар домани оли ъабои даст
زدم بر دامن آل عبا دست
зи фазли шан чу кардам нуктаи ронӣ
ز فضل شان چو کردم نکته رانی
Забон шуд барги айши зиндагонӣ
زبان شد برگ عیش زندگانی
Маро чун кардам оҳанг сутудан
مرا چون کردم آهنگ ستودن
Чу ғунчаи дили шкФт аз лаб гушӯдан
چو غنچه دل شکفت از لب گشودن
Зобу ранги мадҳи шани забонам
زآب و رنگ مدح شان زبانم
Чу ғунчаи барг гул шуд дар забонам
چو غنچه برگ گل شد در زبانم
Ҳадисиро ба калаки ҳушу фарҳанг
حدیثی را به کلک هوش و فرهنگ
Рақам зад фозили ҳиндии бад-ӣни ранг
رقم زد فاضل هندی بدین رنگ
Ки фахри анбиё бо оли атҳор
که فخر انبیا با آل اطهار
Баромад чун паии нафрини куффор
برآمد چون پی نفرین کفار
Шуда дар зери чодар бо паямбар
شده در زیر چادر با پیمبر
Алӣу Фотимаи шубайру шбр
علی و فاطمه شبیر و شبر
Ъабои зи анворашон дар манзили қурб
عبا ز انوارشان در منزل قرب
Шудаи фонӯси шамъи маҳфили қурб
شده فانوس شمع محفل قرب
Чу аз таҳти ъабо берун хиромед
چو از تحت عبا بیرون خرامید
зи ҳабиби субҳ сар зад панҷ хуршед
ز حبیب صبح سر زد پنج خورشید
Ҳамон дами Ҷабраили он муҳаррами қудс
همان دم جبرئیل آن محرم قدس
Чунин оварад ваҳй аз олами қудс
چنین آورد وحی از عالم قدس
Ки эй хуршеди бурҷи дайни паноҳӣ
که ای خورشید برج دین پناهی
Чунин рафтааст фармони илоҳӣ
چنین رفته است فرمان الهی
Ки бар фарқ ту кардам гесуи оро
که بر فرق تو کردم گیسو آرا
Кунам маншури мроли ъабо ро
کنم منشور مرآل عبا را
Ба ин маншур то мумтоз бошӣ
به این منشور تا ممتاز باشی
Миёни халқ сарафроз бошӣ
میان خلق سرافراز باشی
Худои перояи маншур акнӯн
خدا پیرایهٔ منشور اکنون
Намӯда бар туу оли ту мснўн
نموده بر تو و آل تو مسنون
Чу бар фарқи набуввати гавҳари ваҳй
چو بر فرق نبوت گوهر وحی
Фурӯ борид пайғомовар ваҳй
فرو بارید پیغام آور وحی
Дилаши бушковат аз пайғоми борӣ
دلش بشکفت از پیغام باری
Ба ранги ғунча аз боди баҳорӣ
به رنگ غنچه از باد بهاری
Чу аз ҳукми илоҳӣ гашт хурсанд
چو از حکم الهی گشت خرسند
Сари Фрмонбрӣ дар пеши афканд
سر فرمانبری در پیش افکند
Зиҳам бикшод мӯ дар манзили қудс
زهم بگشاد مو در منزل قدس
Азу шуд снблстони маҳфили қудс
ازو شد سنبلستان محفل قدس
Паии таъзими ҷбрил амин хост
پی تعظیم جبریل امین خاست
Ду гесу бар сари он сарвар орост
دو گیسو بر سر آن سرور آراست
Биҷузи он гесувони анбар андӯд
بجز آن گیسوان عنبر اندود
Ки дид аз шамъи базми кибриёи дӯд
که دید از شمع بزم کبریا دود
зи буии он ду ҷаъди машки афшон
ز بوی آن دو جعد مشک افشان
Шудаи мавҷи ҳавои зулфи парешон
شده موج هوا زلف پریشان
Намӯд аз буии ҷаъди он сарафроз
نمود از بوی جعد آن سرافراز
Ҳаво аз мавҷи сандали соеи оғоз
هوا از موج صندل سایی آغاز
Ҳаво зон мӯӣ аз баси файзи бӯи барад
هوا زان موی از بس فیض بو برد
Ҳубоб аз таблаи ъторгўи барад
حباب از طبلهٔ عطارگو برد
Пас онкии бофти он шамъи ҳидоят
پس آنکه بافت آن شمع هدایت
Ду гесу бар сари шоҳи вилоят
دو گیسو بر سر شاه ولایت
Дигар орост он номӯси Акбар
دگر آراست آن ناموس اکبر
Ду гесу бар сари Заҳрои азҳр
دو گیسو بر سر زهرای ازهر
Пас онкӣ даста кард он шоҳи бтҳо
پس آنکه دسته کرد آن شاه بطحا
Ду шохи сунбули райҳонаин ро
دو شاخ سنبل ریحانتین را
Чу ҷбрили амини ин манзалат дид
چو جبریل امین این منزلت دید
Ба сӯии Мустафо аз рӯй умед
به سوی مصطفی از روی امید
Забони илтимосаши гашт гуё
زبان التماسش گشت گویا
Ки эй маншури хӯбӣ бар ту зебо
که ای منشور خوبی بر تو زیبا
Ба ҳукми ҳақи басӣ дар рӯзи майдон
به حکم حق بسی در روز میدان
Аъонти дида аз ман шоҳи мардон
اعانت دیده از من شاه مردان
Дилам аз ёрӣ Заҳро биёсуд
دلم از یاری زهرا بیاسود
Ки бо ӯ дасти ман дстоси каш буд
که با او دست من دستاس کش بود
Ҳасанро борҳо аз ҳукми борӣ
حسن را بارها از حکم باری
Камари бастами паии хидматгузорӣ
کمر بستم پی خدمتگزاری
Чу маҳди ғунчау боди баҳорон
چو مهد غنچه و باد بهاران
Ҳусайнро бӯдаам гаҳвораи ҷунбон
حسین را بوده ام گهواره جنبان
Чаҳ хуш бошадгар эй маҳбӯби борӣ
چه خوش باشد گر ای محبوب باری
Марои ҳам зи аҳли байти худ шуморӣ
مرا هم ز اهل بیت خود شماری
Миён қудсён кун сарфарозам
میان قدسیان کن سرفرازم
Бадасти хеши шӯи гесуи тарозам
بدست خویش شو گیسو طرازم
Иҷобат кард он маҳбӯби довар
اجابت کرد آن محبوب داور
Ба фарқаши бофти гесуии мънбр
به فرقش بافت گیسوی معنبر
Чу сари хайл русул шуд ҷаъди пиро
چو سر خیل رسل شد جعد پیرا
Бадасти лутфи ҷбрили амин ро
بدست لطف جبریل امین را
Ба дарёии кафи он поки гавҳар
به دریای کف آن پاک گوهر
Аномл шуд зи мӯяши мавҷи анбар
انامل شد ز مویش موج عنبر
Макрами сохт ҳақи ин хонадон ро
مکرم ساخت حق این خاندان را
Бинозам эҳтирому қадару шан ро
بنازم احترام و قدر و شان را
Ҳаминаст инки дар аўФўоаҳи ҷумҳӯр
همین است اینکه در اوفواه جمهور
МФорқи панҷ ва даҳ гесуаст машҳур
مفارق پنج و ده گیسوست مشهور
Ба ҳақи ин даҳ ва панҷ аҳли тоъот
به حق این ده و پنج اهل طاعات
зи бории ҷустаи ёрӣ дар муноҷот
ز باری جسته یاری در مناجات
Рақам аз хомаи анбари шмомаҳ
رقم از خامهٔ عنبر شمامه
Хитоби ин назмро мншўрномаҳ
خطاب این نظم را منشورنامه
Шудам маъмури назми ин фазоъил
شدم مأمور نظم این فضائل
Ман аз наввоби гардуни қадари одил
من از نواب گردون قدر عادل
Фурӯғи маҳфили иқболу давлат
فروغ محفل اقبال و دولت
Чароғи дудмони ҷоҳу ҳишмат
چراغ دودمان جاه و حشمت
Паии назми мҳоми ин олами пер
پی نظم مهام این عالم پیر
зи пери рой ӯ пурсидаи тадбир
ز پیر رای او پرسیده تدبیر
Буд онро ки ҳифзаш гашта момн
بود آنرا که حفظش گشته مآمن
Чу ҷавҳари пушт бар девори оҳан
چو جوهر پشت بر دیوار آهن
Мудоми оромгоҳаш бо дили шод
مدام آرامگاهش با دل شاد
Ба зери сояи оли ъабои бод
به زیر سایهٔ آل عبا باد