Доими андари оташи худ ошиқи девонаи сӯхт
دایم اندر آتش خود عاشق دیوانه سوخت
Шамъи маҳфилро гуноҳӣ нестгар парвонаи сӯхт
شمع محفل را گناهی نیست گر پروانه سوخت
Дида боис шуд агар вайронаамро оби барад
دیده باعث شد اگر ویرانه ام را آب برد
Аз туфи дил буд он оташ ки моро хонаи сӯхт
از تف دل بود آن آتش که ما را خانه سوخت
Туррааш зон оташи рухсор тобӣ ёфта
طره اش زان آتش رخسار تابی یافته
Каз ҳадиси зулф ӯ гуфтани забони шонаи сӯхт
کز حدیث زلف او گفتن زبان شانه سوخت
Лола доғаст аз фиғони булбулу гул бе хабар
لاله داغست از فغان بلبل و گل بی خبر
Ошно раҳмӣ накард аммо дили бегонаи сӯхт
آشنا رحمی نکرد اما دل بیگانه سوخت
Нест аз сӯзи дарун бо мо сафои ботинӣ
نیست از سوز درون با ما صفای باطنی
Дил сияҳ шуд бскаҳи оташи андарин вайронаи сӯхт
دل سیه شد بسکه آتش اندرین ویرانه سوخت
То нишонди сӯзиши парвонаро шамъ об шуд
تا نشاند سوزش پروانه را شمع آب شد
Лек оташи тунд буду ошиқи девонаи сӯхт
لیک آتش تند بود و عاشق دیوانه سوخت
То зи дил оҳӣ кашидам ҷумлаи дилҳо дар гирифт
تا ز دل آهی کشیدم جمله دلها در گرفت
Бод буд аз оташи як хонаи чандини хонаи сӯхт
باد بود از آتش یک خانه چندین خانه سوخت
Рафта будам то аз он бирҳм восўзм кулем
رفته بودم تا از آن بیرحم واسوزم کلیم
Бозами он тоби камар ваон ҷилваи мастонаи сӯхт
بازم آن تاب کمر وان جلوه مستانه سوخت