Он ҷангҷӯ ки ҳеҷ малол аз ҷафо надошт

آن جنگجو که هیچ ملال از جفا نداشت

Сулҳаши басони ранҷиши ошиқ бақо надошт

صلحش بسان رنجش عاشق بقا نداشت

Дил аз ҳуҷуми дарди ту шармандагӣ кашид

دل از هجوم درد تو شرمندگی کشید

Вайронаи ҳайфи дархури сайлоб ҷо надошт

ویرانه حیف درخور سیلاب جا نداشت

Шамъами збоди доман фонӯс ме кашад

شمعم زباد دامن فانوس می کشد

Он меҳнатӣ ки дар раҳи бод сабо надошт

آن محنتی که در ره باد صبا نداشت

Азҳоиҳои гиряи ман то дилаш гирифт

ازهای های گریه من تا دلش گرفت

Дигар чу оби теғи сари шикам садо надошт

دیگر چو آب تیغ سر شکم صدا نداشت

Бар синаи хати захм чаҳ хонои навишта Эй

بر سینه خط زخم چه خوانا نوشته ای

Доғ арча буд ҳоҷати ин нуқта ҳо надошт

داغ ارچه بود حاجت این نقطه ها نداشت

Рӯзии ҳазор бор агар гиряи дида ро

روزی هزار بار اگر گریه دیده را

Май шасти битўи хонаи чашмам сафо надошт

می شست بیتو خانه چشمم صفا نداشت

Гар обу дона дар қафаси мурғ дил набӯд

گر آب و دانه در قفس مرغ دل نبود

Сайёдро чаҳ ҷурм , қафаси ин фазо надошт

صیاد را چه جرم، قفس این فضا نداشت

Аз гиряам ки зеб арӯсон гулшанаст

از گریه ام که زیب عروسان گلشنست

Пой гулӣ набӯд ки ранг ҳино надошт

پای گلی نبود که رنگ حنا نداشت

Дили тарки ошноӣии мо зуд кард ва рафт

دل ترک آشنائی ما زود کرد و رفت

Зон шуд писанди ёр ки айб вафо надошт

زان شد پسند یار که عیب وفا نداشت

Дасти ҷунуни либос чу кунад аз бар кулем

دست جنون لباس چو کند از بر کلیم

Чун ғунчаи рахти зери бзир қабо надошт

چون غنچه رخت زیر بزیر قبا نداشت