Дили домани муҷовирати чашм тар гирифт

دل دامن مجاورت چشم تر گرفت

Бо Тифли ашки суҳбати девона дар гирифт

با طفل اشک صحبت دیوانه درگرفت

НаҚишм зи Ямани фақр боФтодгӣ нишаст

نقشم ز یمن فقر به افتادگی نشست

Натавон басон сояам аз хок барграфт

نتوان بسان سایه‌ام از خاک برگرفت

Битолъ аз зулоли Хизр хӯн хӯрд ки шамъ

بی طالع از زلال خضر خون خورد که شمع

Ҷон костани вазифаи зи файз саҳар гирифт

جان کاستن وظیفه ز فیض سحر گرفت

Дар боғи даҳри ҷуз бар пажмурдагии надод

در باغ دهر جز برِ پژمردگی نداد

Гўӣии ниҳоли бахти ман об аз шарар гирифт

گوئی نهال بخت من آب از شرر گرفت

Обии зи обилаи брхи пои хуфтаи зан

آبی ز آبله به رخ پای خفته زن

Бояд зи пеши рафтаи рафиқон хабар гирифт

باید ز پیش رفته رفیقان خبر گرفت

Занг аз дилати бсиқл сомон наме равад

زنگ از دلت به صیقل سامان نمی‌رود

Хоҳӣ агар зи оинаи худро зибр гирифт

خواهی اگر ز آینه خود را زبر گرفت

Аз дили ҳадиси орзӯят чун банома рафт

از دل حدیث آرزویت چون به نامه رفت

Аз иштиёқи мӯри рақами бол ва пар гирифт

از اشتیاق مور رقم بال و پر گرفت

Суҳбати миёни соФдлони ҳам басар нарафт

صحبت میان صافدلان هم به سر نرفت

Дар рӯзгори мо дили об аз гуҳар гирифт

در روزگار ما دل آب از گهر گرفت

Чун кишвари вуҷӯди адам гарчи танг нест

چون کشور وجود عدم گرچه تنگ نیست

Осӯдатар касеаст ки ҷо бештар гирифт

آسوده‌تر کسی است که جا بیشتر گرفت

Сандали бхомаҳи моли зи хуноб дил кулем

صندل به خامه مال ز خوناب دل کلیم

Каз ҳарфи иштиёқи маниш дардисар гирифт

کز حرف اشتیاق مَنَش دردسر گرفت