Маро ҳамеша мураббӣ чаҳ толеъи дун буд
مرا همیشه مربّی چو طالع دون بود
Тараққӣам чаҳ аҷабгар чу шамъи ворун буд
ترقّیام چه عجب گر چو شمع وارون بود
Ҳамеша аҳли ҳунарро замона урён дошт
همیشه اهل هنر را زمانه عریان داشت
Фасонаи ист ки хами ҷомаи Флотўн буд
فسانهایست که خُم جامهی فلاطون بود
Писанди мотамён бо ҳазор ғам нашудем
پسند ماتمیان با هزار غم نشدم
Бҷрми инки либосами згриаҳи гулгун буд
به جرم اینکه لباسم ز گریه گلگون بود
Фалаки зи айби тиҳии косае мисли чун шуд
فلک به عیب تهی کاسگی مثَل چون شد؟
Зкосаҳҳои кавокиб ҳамеша пурхӯн буд
نه کاسههای کواکب همیشه پرخون بود؟
Мудом аз он нами борон ки хок одам дошт
مدام از آن نم باران که خاک آدم داشت
Матоъи хонаи мо назд сайли марҳӯн буд
متاع خانهی ما نزد سیل، مرهون بود
Ҳамеша уқдаи хотири ривоҷ корам дод
همیشه عقدهی خاطر، رواج کارم داد
Чаҳ бастагӣ ки пару боли сайди мазмун буд
چو بستگی که پر و بال صیدِ مضمون بود
Нишони шефтагони диёр ишқ якеаст
نشان شیفتگان دیار عشق یکیست
Бичишам Лайлӣ ҳар гирдбоди маҷнӯн буд
به چشم لیلی، هر گردباد، مجنون بود
Хуши он гузашта ки торигар аз ълоӣқ дошт
خوش آن گذشته که تاری گر از تعلّق داشت
Басони тнбўри онҳами зхонаҳи берун буд
بهسان تنبور آن هم ز خانه بیرون بود
Кулем дили бқноъти ниҳод ва чора надошт
کلیم دل به قناعت نهاد و چاره نداشت
зи дахли хӯни ҷигари хӯни гиряи афзӯн буд
ز دخل خون جگر، خرجِ گریه افزون بود