Ашки кавокиби нигари чархи ғамандӯд ро

اشک کواکب نگر چرخ غم اندود را

Гиряи фаровон буд хонаи пари дӯд ро

گریه فراوان بود خانهٔ پر دود را

Сабр гуворо кунад ҳарчӣ туро нохуш аст

صبر گوارا کند هرچه ترا ناخوش است

Соъатӣ аз кафи бунаи об гул олуд ро

ساعتی از کف بنه آب گل آلود را

Бенамакиҳои даҳри кор ба ҷоӣии расонад

بی‌نمکی‌های دهر کار به جائی رساند

Кохтар толеъ кунам доғи намаки суд ро

کاختر طالع کنم داغ نمک‌سود را

Даври ҷамол ту шуд , гӯш ба назора ёфт

دور جمال تو شد، گوش به نظاره یافت

Мушкил агар башнавад нағмаи Довӯд ро

مشکل اگر بشنود نغمهٔ داوود را

Нест ба гетии ду чизи ҷустам ва кам ёфтам

نیست به گیتی دو چیز جستم و کم یافتم

Ошиқ бешикваро оташ бедӯд ро

عاشق بی‌شکوه را آتش بی دود را

Тораки идбори мо , лоиқи он гул набӯд

تارک ادبار ما، لایق آن گل نبود

Бар сар гардун задем кавкаби масъӯд ро

بر سر گردون زدیم کوکب مسعود را

Ҳар ки ба буии вафо бар сар дунё нишаст

هر که به بوی وفا بر سر دنیا نشست

Дар таҳ доман кашид оташ беавд ро

در ته دامن کشید آتش بی‌عود را

Нақди ду олам кулем , бар сар дил рехтанд

نقد دو عالم کلیم، بر سر دل ریختند

Шурии бахтами рабӯд , доғи намаки суд ро

شوری بختم ربود، داغ نمک‌سود را