Чанд дар васли ту дили ҳасрат дидор кашад

چند در وصل تو دل حسرت دیدار کشد

Дар чамани нолаи мурғон гирифтор кашад

در چمن ناله مرغان گرفتار کشد

Дил ки ғайр аз дами охир , нафас хуш назанад

دل که غیر از دم آخر، نفس خوش نزند

Дар таҳ теғ нишинад ки зи по хор кашад

در ته تیغ نشیند که ز پا خار کشد

Гарчи дасти ҳавасами як гули азин боғ начед

گرچه دست هوسم یک گل ازین باغ نچید

Ҷазби пои талабами хори з девор кашад

جذب پای طلبم خار ز دیوار کشد

Манам он ошиқи қонеъ ки бкнҷи гулхан

منم آن عاشق قانع که بکنج گلخن

Шуъла дар бар бҳўои қад дилдор кашад

شعله در بر بهوای قد دلدار کشد

Шамъи бгдохти саропо ва шуд аз шарми халос

شمع بگداخت سراپا و شد از شرم خلاص

То яке хиҷлат аз он қомат ва рухсор кашад

تا یکی خجلت از آن قامت و رخسار کشد

Ҳар сриро ки буд мағзи хиради як сари мӯ

هر سریرا که بود مغز خرد یک سر مو

То буд доғ чаро миннат дастор кашад

تا بود داغ چرا منت دستار کشد

Ҳар ки гуяд ки биравӣ ту буд гул монанд

هر که گوید که بروی تو بود گل مانند

Рӯкишӣ бар рухи ойинаи з зангор кашад

روکشی بر رخ آئینه ز زنگار کشد

Об дар гавҳарам аз гирди касодӣ шудаи гул

آب در گوهرم از گرد کسادی شده گل

Кӣ бойени муҳраи гули табъ харидор кашад

کی باین مهره گل طبع خریدار کشد

Ҳамдам оварад табибаши басар аз бскаҳ кулем

همدم آورد طبیبش بسر از بسکه کلیم

Ёди он чашм кунад нола бемор кашад

یاد آن چشم کند ناله بیمار کشد