Ба ғайр аз май касе аз ӯҳдаи ғам барнаме ояд

به غیر از می کسی از عهدهٔ غم برنمی‌آید

Замони ғусса бе айёми мастӣ сар наме ояд

زمان غصه بی‌ایام مستی سر نمی‌آید

Тағофул бар шароб аз тавба ҳаркас зад пушаймон шуд

تغافل بر شراب از توبه هرکس زد پشیمان شد

Ба истиғно касе бо духтари руз бар наме ояд

به استغنا کسی با دختر رز بر نمی‌آید

Замини дил агар аз оби ҳайвон парвариш ёбад

زمین دل اگر از آب حیوان پرورش یابد

Гиёҳи айш аз онҷо бенам мебарнаме ояд

گیاه عیش از آنجا بی‌نم می برنمی‌آید

Магар дар сина пурдард меҳмонаст пайконаш

مگر در سینه پردرد مهمانست پیکانش

Ки имшаби пораҳои дил ба чашм тар наме ояд

که امشب پاره‌های دل به چشم تر نمی‌آید

Манам он бекас ва бе ошнои кунҷи танҳоӣ

منم آن بی‌کس و بی‌آشنای کنج تنهایی

Ки ғайр аз партави меҳр аз дирами кас дар наме ояд

که غیر از پرتو مهر از درم کس در نمی‌آید

Фиреб меҳрбонӣ мехӯрд аз душманони лекин

فریب مهربانی می‌خورد از دشمنان لیکن

Ҳадиси дӯстяш аз дӯстон бовар наме ояд

حدیث دوستیش از دوستان باور نمی‌آید

Кулем арнаҳ ба ёди наргиси мастонааш нав шуд

کلیم ارنه به یاد نرگس مستانه‌اش نو شد

Шароб аз саргаронии ҷониб соғар наме ояд

شراب از سرگرانی جانب ساغر نمی‌آید