Ба сони шонаи ?ути сарпанҷаи гардонами гиребон ро

به سان شانه‌ات سرپنجه گردانم گریبان را

Ба чанги орми магари зини дасти он зулфи парешон ро

به چنگ آرم مگر زین دست آن زلف پریشان را

Набошад неки ботин дар паии ороиши зоҳир

نباشد نیک باطن در پی آرایش ظاهر

Ба наққош эҳтиёҷӣ нест девори гулистон ро

به نقاش احتیاجی نیست دیوار گلستان را

Магӯ аз гиря беҳосилам корӣ наме ояд

مگو از گریهٔ بی‌حاصلم کاری نمی‌آید

Ба доман раҳнамое мекунад чоки гиребон ро

به دامن رهنمایی می‌کند چاک گریبان را

Ба хоки остонати ҷабҳа мо дорад он нисбат

به خاک آستانت جبههٔ ما دارد آن نسبت

Ки надиҳади рухсати онҷои нишастани нақши дарбон ро

که ندهد رخصت آنجا نشستن نقش دربان را

Агар чашми терми як рӯзи мироб чаман бошад

اگر چشم ترم یک روز میراب چمن باشد

Ба фарқи боғбон вайрон кунам девори бустон ро

به فرق باغبان ویران کنم دیوار بستان را

На аз хорӣастгар қадари суханро кас наме донад

نه از خواریست گر قدر سخن را کس نمی‌داند

Ба бозори ҷаҳони қимат ки донад оби ҳайвон ро

به بازار جهان قیمت که داند آب حیوان را

Кулем аз ишваҳои ӯ чаҳ хуш кардӣ , наме донам

کلیم از عشوه‌های او چه خوش کردی، نمی‌دانم

Тағофулҳои расво ё навозишҳои пинҳон ро

تغافل‌های رسوا یا نوازش‌های پنهان را