На турраи ?ути ғами шабҳои тор ман дорад

نه طُرّه‌ات غم شب‌های تار من دارد

На чашми масти ту фикри хумор ман дорад

نه چشم مست تو فکر خمار من دارد

зи гиряи чашмам чун шуд сипед донистам

ز گریه چشمم چون شد سپید دانستم

Ки субҳӣ аз паии шабҳои тор ман дорад

که صبحی از پی شب‌های تار من دارد

зи забти гиря чу гул оҷизаст пиндорӣ

ز ضبط گریه چو گل عاجز است پنداری

Хабари зи гиря беихтиёр ман дорад

خبر ز گریهٔ بی‌اختیار من دارد

Ду чашм кам нигаҳат кошкӣ ба ман ме дошт

دو چشم کم‌نگهت کاشکی به من می‌داشت

Сиррӣ ки зулфи ту бо рӯзгор ман дорад

سری که زلف تو با روزگار من دارد

зи доғи куҳнаи гул тозаам фусурда тар аст

ز داغ کهنه گل تازه‌ام فسرده‌تر است

Ба рӯй кор чаҳ обии баҳор ман дорад

به روی کار چه آبی بهار من دارد

Ба марг сулҳ кунам бо замона то нафасии сет

به مرگ صلح کنم با زمانه تا نفسی‌ست

Ҷаҳон бар оинаи дили ғубор ман дорад

جهان بر آینهٔ دل غبار من دارد

Аҷаби мадор ки оташ ба гӯрам андозад

عجب مدار که آتش به گورم اندازد

Ҳамон шарор ки санги мазор ман дорад

همان شرار که سنگ مزار من دارد

Дарин баҳори гули чок ончунон болид

درین بهار گل چاک آنچنان بالید

Ки як гуласт ки ҷайбу канор ман дорад

که یک گل است که جیب و کنار من دارد

Гул шикоят нашукуфта ва шукуфта кулем

گل شکایت نشکفته و شکفته کلیم

Дили пари обилаи доғдор ман дорад

دل پر آبلهٔ داغدار من دارد