На з май ҳарҷо тнки зарфӣ ки барад аз по фитод
نه ز می هرجا تنکظرفی که برد از پا فتاد
Онкии лоф паҳливонӣ зад ҳам аз саҳбо фитод
آنکه لاف پهلوانی زد هم از صهبا فتاد
Гирдбод аз сайри саҳрои пой дар доман кашид
گردباد از سیر صحرا پای در دامن کشید
Навбати ҳомӯни навардӣ то бо шак мо фитод
نوبت هاموننوردی تا با شک ما فتاد
Гиря набӯд дидаамгар диҷла афшонӣ кунад
گریه نبود دیدهام گر دجلهافشانی کند
Коб дар чашмами зи дӯди оташ савдо фитод
کآب در چشمم ز دود آتش سودا فتاد
То дами охир буд сар дар ҳаво монанди шамъ
تا دم آخر بود سر در هوا مانند شمع
Дидаи ҳаркас ки бар он қомат зебо фитод
دیده هرکس که بر آن قامت زیبا فتاد
намедиҳад зи ошуфтагии дарси сияҳи рӯзии зи мо
میدهد ز آشفتگی درس سیهروزی ز ما
Зулф ӯ бо ин парешоне чаҳ хуш иншо фитод
زلف او با این پریشانی چه خوش انشا فتاد
Андалеби он гулистонам ки бандади боғбон
عندلیب آن گلستانم که بندد باغبان
Дидаро ҳар гуҳи ниқоб аз чеҳраи гул ҳо фитод
دیده را هر گه نقاب از چهره گلها فتاد
Ҳарки дар роҳи талаб ху кард бо овораге
هرکه در راه طلب خو کرد با آوارگی
Гар ба сони шамъи як ҷо шуд муқӣм аз по фитод
گر به سان شمع یک جا شد مقیم از پا فتاد
Аз камоли иттиҳоди ҳасану ишқ охир кулем
از کمال اتحاد حسن و عشق آخر کلیم
Ҳар гиреҳ каз зулф ӯ во шуд ба кор мо фитод
هر گره کز زلف او وا شد به کار ما فتاد