Баҳор омаду ҷонии бҷсм мино шуд
بهار آمد و جانی بجسم مینا شد
Пиёла ! чашми ту равшан ки бода пайдо шуд
پیاله! چشم تو روشن که باده پیدا شد
Арақ фишонят аз тоб мешикеб наҳашт
عرق فشانیت از تاب می شکیب نهشت
Чаҳ қатра буд ки сайлоби тоқат мо шуд
چه قطره بود که سیلاب طاقت ما شد
Ҳануз ранҷи таби ларз офтоб баҷост
هنوز رنج تب لرز آفتاب بجاست
Чаҳ файз буд ки ҳамхона масеҳо шуд
چه فیض بود که همخانه مسیحا شد
На рафъи ташна лабӣ мекунад , на сӯзи ҷигар
نه رفع تشنه لبی می کند، نه سوز جگر
Дилам хушаст ки чашмами зи гиря дарё шуд
دلم خوشست که چشمم ز گریه دریا شد
Здидаҳ рафтӣ ва торик шуд сарочаи чашм
زدیده رفتی و تاریک شد سراچه چشم
Бадал дар омадӣу чашми доғ бино шуд
بدل در آمدی و چشم داغ بینا شد
Бғири хор ки дар пой раҳравон монадаст
بغیر خار که در پای رهروان ماندست
Дигар бароаи ғамат ҳар чаҳ буд яғмо шуд
دگر براه غمت هر چه بود یغما شد
Кулем чок шуд аз теғ ӯ саропоят
کلیم چاک شد از تیغ او سراپایت
Бсинаҳи санг чаҳ кӯбии кнўнкаҳ дар во шуд
بسینه سنگ چه کوبی کنونکه در وا شد