Зоҳиди азтар домании доман чу бар ахгар занад
زاهد ازتر دامنی دامن چو بر اخگر زند
Сабзаи ҷои дӯд аз оташи ҳамон сар бар занад
سبزه جای دود از آتش همان سر بر زند
Дӯди оҳи андалебони оташ сад хирманаст
دود آه عندلیبان آتش صد خرمنست
Хешро аз по дар орад ҳар ки гул бар сар занад
خویش را از پا در آرد هر که گل بر سر زند
Ранги хиҷлат аз рухи гул то қиёмат зоҳираст
رنگ خجلت از رخ گل تا قیامت ظاهرست
Ғунчаи навкисагар чанде гиреҳ бар зар занад
غنچه نوکیسه گر چندی گره بر زر زند
Ҳар киро бояд навиштани нусхаи одоби фақр
هر که را باید نوشتن نسخه آداب فقر
Сафҳаи танро зи нақши бӯрё мстр занад
صفحه تن را ز نقش بوریا مسطر زند
Хӯни ошиқ аз ҳиҷоби ҳасан пинҳон ме хӯрд
خون عاشق از حجاب حسن پنهان می خورد
Шӯхи бибокӣ ки соғар дар каф маҳшар занад
شوخ بیباکی که ساغر در کف محشر زند
Нақши Бағдод аз савод даҳр натавонист шаст
نقش بغداد از سواد دهر نتوانست شست
Диҷларо кӣ мерасад паҳлу бичишам тар занад
دجله را کی می رسد پهلو بچشم تر زند
Хӯни моро чун шафақ бар субҳи он гардан мабанд
خون ما را چون شفق بر صبح آن گردن مبند
Сабр кун чндонкаҳи ошиқи сина бар ханҷар занад
صبر کن چندانکه عاشق سینه بر خنجر زند
Хунбҳоии мурғи дили доне бар сайёд чист
خونبهای مرغ دل دانی بر صیاد چیست
Инки бигузоради бхўни хеши бол ва пар занад
اینکه بگذارد بخون خویش بال و پر زند
Кӯи гдоӣӣ чун кулем имрӯз дар иқлӣми фақр
کو گدائی چون کلیم امروز در اقلیم فقر
Ғайринавмидӣ буд куфр ар дар дигар занад
غیرنومیدی بود کفر ار در دیگر زند