Ҳамаи маҳрӯму азуи даст касе давр набӯд

همه محروم و ازو دست کسی دور نبود

Кас надидам ки дарин майкада махмур набӯд

کس ندیدم که درین میکده مخمور نبود

Фақру равшандилии ойинаи рухсори ҳманд

فقر و روشندلی آئینه رخسار همند

Ҳеҷ вайрона надидам ки пар нур набӯд

هیچ ویرانه ندیدم که پر نور نبود

Дилам аз ковуши мижгони ту аз сина гурехт

دلم از کاوش مژگان تو از سینه گریخت

Ҷои осоиш дар хона занбӯр набӯд

جای آسایش در خانه زنبور نبود

Ман дарин майкадаи пеш қадаҳӣ бинишастам

من درین میکده پیش قدحی بنشستم

Ки сараши бастатар аз коса тнбўр набӯд

که سرش بسته تر از کاسه طنبور نبود

Хат агар саркашад аз хиттаи ҳасан ту маранҷ

خط اگر سرکشد از خطه حسن تو مرنج

Ки бФрмони сулаймони ҳам ин мӯр набӯд

که بفرمان سلیمان هم این مور نبود

Шуълаи доғи бурунами бдрўни нури надод

شعله داغ برونم بدرون نور نداد

Шамъи турбати сабаби равшанӣ кӯр набӯд

شمع تربت سبب روشنی کور نبود

То табассуми бадалами мушти намак май пошад

تا تبسم بدلم مشت نمک می پاشد

Чашми доғами барраи марҳам кофур набӯд

چشم داغم بره مرهم کافور نبود

Ҳоли сӯзи дили мо ёр надонист кулем

حال سوز دل ما یار ندانست کلیم

Аз сияҳи бахтӣ дар оташи мо нбўр набӯд

از سیه بختی در آتش ما نبور نبود