Ошиқ онаст ки чун доғи таманнои сӯзад

عاشق آنست که چون داغ تمنا سوزد

Ҳамчуи хуршеди бики доғи саропои сӯзад

همچو خورشید بیک داغ سراپا سوزد

Шуълааш сарв шавад , фохта гардад шарараш

شعله اش سرو شود، فاخته گردد شررش

Ҳар ки дар орзӯии он қади раънои сӯзад

هر که در آرزوی آن قد رعنا سوزد

Хабар аз гармии ин роҳи қадами коҳ буд

خبر از گرمی این راه قدم کاه بود

Соликиро ки сар аз обилаи мо сӯзад

سالکی را که سر از آبله ما سوزد

Дили зтар доманӣ нафас шавад зи аҳли ҷҳим

دل زتر دامنی نفس شود ز اهل جحیم

Равиши ҳизум тар нест ки танҳо сӯзад

روش هیزم تر نیست که تنها سوزد

Натавонад чу гузашт аз сари икқтраҳ чаҳ суд

نتواند چو گذشت از سر یکقطره چه سود

Ки блби тишнагии мо дили дарёи сӯзад

که بلب تشنگی ما دل دریا سوزد

Бскаҳ пастасту забуни ҷой таъаҷҷуб набӯд

بسکه پست است و زبون جای تعجب نبود

Карами шаби тоб агар ахгари моро сӯзад

کرم شب تاب اگر اخگر ما را سوزد

Гоҳ дар ҷомаи фонӯси ҳам оташ гирад

گاه در جامه فانوس هم آتش گیرد

Аҷабӣ нест агар шишаи зсҳбои сӯзад

عجبی نیست اگر شیشه زصهبا سوزد

Ҳизуми гулхани ҳасани ту ҳам он дил нашавад

هیزم گلخن حسن تو هم آن دل نشود

Ки мудом аз ғами нокомии дунёи сӯзад

که مدام از غم ناکامی دنیا سوزد

Карами эзадяш боз насузад дар ҳашар

کرم ایزدیش باز نسوزد در حشر

Агар имрӯз кулем аз ғами фардои сӯзад

اگر امروز کلیم از غم فردا سوزد