Ба роҳи ишқ ки ҳаргиз ба сар наме ояд

به راه عشق که هرگز به سر نمی‌آید

Ба ғайри гум шудан аз роҳбар наме ояд

به غیر گم شدن از راهبر نمی‌آید

Ҳамеша ақл дар ислоҳи нафаси оҷиз буд

همیشه عقل در اصلاح نفس عاجز بود

Ки пндгўӣ ба девона бар наме ояд

که پندگوی به دیوانه بر نمی‌آید

Бааст пое каз вай барояд обила Эй

به است پایی کز وی برآید آبله‌ای

зи дасти мо ки азуи ҳеҷ бар наме ояд

ز دست ما که ازو هیچ بر نمی‌آید

Аз он камар натавонам дамии назар бастан

از آن کمر نتوانم دمی نظر بستن

зи нозукӣ ба назар гарчи дар наме ояд

ز نازکی به نظر گرچه در نمی‌آید

Ягонагӣ ки нифоқӣ дар он миён набӯд

یگانگی که نفاقی در آن میان نبود

Дарин замонаи зи шер ва шукр наме ояд

درین زمانه ز شیر و شکر نمی‌آید

Чу сайли худ хабари худ барам ба ҳар водӣ

چو سیل خود خبر خود برم به هر وادی

Хабари зи гарми равон пештар наме ояд

خبر ز گرم‌روان پیشتر نمی‌آید

Ба рӯзгори чунон айб шуд саломати нафас

به روزگار چنان عیب شد سلامت نفس

Кам ғайри кори шарар аз гуҳар наме ояд

کم غیر کار شرر از گهر نمی‌آید

зи даҳри донишу сомон суол кардам гуфт

ز دهر دانش و سامان سوال کردم گفت

Ки аз ниҳоли ҳунари барг ва бар наме ояд

که از نهال هنر برگ و بر نمی‌آید

Хаёли он камар аз сар намеравад чаҳ кунам

خیال آن کمر از سر نمی‌رود چه کنم

Ки мӯи зи косаи чинӣ ба дар наме ояд

که مو ز کاسه چینی به در نمی‌آید

Кулем дар дил агар шуълае зи шавқ буд

کلیم در دل اگر شعله‌ای ز شوق بود

Ба сӯии лаби нафас беасар наме ояд

به سوی لب نفس بی‌اثر نمی‌آید