Хуши онзмон ки итоби баҳона соз набӯд
خوش آنزمان که عتاب بهانه ساز نبود
Забони теғи ҷафои ӣнқадар дароз набӯд
زبان تیغ جفا اینقدر دراز نبود
Биравӣ тӯфони рўзикаҳи дида во кардам
بروی طوفان روزیکه دیده وا کردم
Биравӣ дарёи чашми ҳубоб боз набӯд
بروی دریا چشم حباب باز نبود
Баланду пасти ҷаҳон бо ҳамаст пас зчаҳи рӯ
بلند و پست جهان با هم است پس زچه رو
Нишеби бахти марои толеъ аз фароз набӯд
نشیب بخت مرا طالع از فراز نبود
Нишастаем бхоки сияҳи зи табъи баланд
نشسته ایم بخاک سیه ز طبع بلند
Сазои онкии табиати замона соз набӯд
سزای آنکه طبیعت زمانه ساز نبود
Гуҳари хзФ буд онҷо ки гавҳарӣ набӯд
گهر خزف بود آنجا که گوهری نبود
Ҳунар ғариб шуд онҷо ки имтиёз набӯд
هنر غریب شد آنجا که امتیاز نبود
Мгири саҳл агар дарди ишқ икрўз аст
مگیر سهل اگر درد عشق یکروز است
Кадоми рӯзи таби шамъ ҷонгдоз набӯд
کدام روز تب شمع جانگداز نبود
Дмикаҳи таҳтаи машқ ҷароҳаташ будам
دمیکه تخته مشق جراحتش بودم
Ҳануз он мижаи шӯхи теғ боз набӯд
هنوز آن مژه شوخ تیغ باز نبود
Шикоятӣ ки дил аз зулфи тобдор ту дошт
شکایتی که دل از زلف تابدار تو داشت
Кам аз шикояти шамъ аз шаб дароз набӯд
کم از شکایت شمع از شب دراز نبود
Кулем нисбати шамъ ар бшълаҳ часбон шуд
کلیم نسبت شمع ار بشعله چسبان شد
Бтнги дарзии рабти ниёз ва ноз набӯд
بتنگ درزی ربط نیاز و ناز نبود