Он қадр бар дил нишаст аз дӯсту зи душмани ғубор
آنقدر بر دل نشست از دوست و ز دشمن غبار
Каз бурун чун ахгарам гардид пероҳани ғубор
کز برون چون اخگرم گردید پیراهن غبار
Гирди ғамро бо дили пари рахнаи мо улфатӣ аст
گرد غم را با دل پر رخنه ما الفتی است
Бошад ореи ошно бо чашми прўизни ғубор
باشد آری آشنا با چشم پرویزن غبار
Бскаҳ дил ранҷид азу чашмам наёрад диданаш
بسکه دل رنجید ازو چشمم نیارد دیدنش
Ояд аз гирди саро дар дидаи равзани ғубор
آید از گرد سرا در دیده روزن غبار
Остону садрро ҳаргиз зиҳам нашнохтам
آستان و صدر را هرگز زهم نشناختم
Бетакаллуф ҳар куҷо ёбад кунад маскани ғубор
بی تکلف هر کجا یابد کند مسکن غبار
Синаам аз суҳбати дили маъдан зангор шуд
سینه ام از صحبت دل معدن زنگار شد
Оре аз оташ нишинад бар дили гулхани ғубор
آری از آتش نشیند بر دل گلخن غبار
Чашм бар роҳаст дил шояд аз он раҳи қосидӣ
چشم بر راهست دل شاید از آن ره قاصدی
Ояд ва дар кӯии мо бФшонд аз домани ғубор
آید و در کوی ما بفشاند از دامن غبار
Дил магӯ дорад сафои муҳтоҷи файзи мршдист
دل مگو دارد صفا محتاج فیض مرشدیست
Оби оҳан чун тавонад шаст аз оҳани ғубор
آب آهن چون تواند شست از آهن غبار
Гирди ғам аз чеҳраи ман пок натавонист кард
گرد غم از چهره من پاک نتوانست کرد
Гиря Эй хоҳам ки шавед аз дили душмани ғубор
گریه ای خواهم که شوید از دل دشمن غبار
Дар дили худ рой ӯ ҳаргизи марои худ ҷо набӯд
در دل خود رای او هرگز مرا خود جا نبود
Ҳайратӣ дорам ки чун онҷо нишаст аз ман ғубор
حیرتی دارم که چون آنجا نشست از من غبار
Хоки ин вайронаи доман гир шуд охир кулем
خاک این ویرانه دامن گیر شد آخر کلیم
Кӣ зи кунҷ хотирам бархезад аз рафтани ғубор
کی ز کنج خاطرم برخیزد از رفتن غبار