Бскаҳ аз бори ғами даҳр гронбор шудам

بس‌که از بار غم دهر گران‌بار شدم

Ҳамаи рӯи саҷдаи кунон то дар хумор шудам

همه ره سجده‌کنان تا در خمّار شدم

Шишаи печи дил аз мастии ман худ нишкаст

شیشه‌ی هیچ دل از مستی من خود نشکست

Ман бойени дили шиканон аз чаҳ гирифтор шудам

من به این دل‌شکنان از چه گرفتار شدم؟

Хуррам аз абр баҳорӣ нашудам толеъи байн

خرّم از ابر بهاری نشدم، طالع بین!

Ки дарин боғ чу хори сар девор шудам

که درین باغ چو خار سر دیوار شدم

Хоҳам ойина дигар рӯй бмни ннмонд

خواهم آیینه دگر، روی به من ننماید

Бскаҳ аз зиштии худ бар дили худ тор шудам

بس‌که از زشتی خود بر دل خود بار شدم

То кӣ аидли зғми тнгдҳонони зорӣ

تا کی ای دل ز غم تنگ‌دهانان زاری؟

Ман бтнги омадам аз вазъи ту безор шудам

من به تنگ آمدم، از وضع تو بیزار شدم

Баъд ъмрикаҳ бихоб ман бедил омад

بعد عمری که به خواب من بی‌دل آمد

Гиряи обии брхми рехт ки бедор шудам

گریه آبی به رخم ریخت که بیدار شدم

Рафтам аз ҳуш макун мастами азин беш кулем

رفتم از هوش، مکن مستم ازین بیش کلیم!

Чашм бурдор аз он чашм ки аз кор шудам

چشم بردار از آن چشم که از کار شدم