Рехти нохуни бас ки хори яъс аз по май кашам

ریخت ناخن بس که خار یأس از پا می‌کشم

Бар дар дил менишинам пои зи дарҳо май кашам

بر در دل می‌نشینم پا ز درها می‌کشم

Соидам аз зери бори остин берун нарафт

ساعدم از زیر بار آستین بیرون نرفت

Чун нагӯям дасти ҳимматро зи дунё май кашам

چون نگویم دست همت را ز دنیا می‌کشم

Шаҳнаро бар ман гирифтӣ , мӯҳтасибро даст нест

شحنه را بر من گرفتی، محتسب را دست نیست

Шиша дар боРом набошад гарчи саҳбо май кашам

شیشه در بارم نباشد گرچه صهبا می‌کشم

Даври ман чун мерасад соқии ду соғари даҳ маро

دور من چون می‌رسد ساقی دو ساغر ده مرا

Май ба ёди он ду чашми масти Шаҳло май кашам

می به یاد آن دو چشم مست شهلا می‌کشم

Ҳалқае дар гӯши бахти афкандаи он чашми сиёҳ

حلقه‌ای در گوش بخت افکنده آن چشم سیاه

Каз нигоҳаши серума дар чашми тамошо май кашам

کز نگاهش سرمه در چشم تماشا می‌کشم

намерасад мастӣ ба сарҳадӣ ки нашиносам туро

می‌رسد مستی به سرحدی که نشناسم ترا

Ҷоми саршори тағофули сахт танҳо май кашам

جام سرشار تغافل سخت تنها می‌کشم

Санг дар деворҳо аз шухӣ Тифлон намонад

سنگ در دیوارها از شوخی طفلان نماند

Шаҳр агар вайрон шавад худро ба саҳро май кашам

شهر اگر ویران شود خود را به صحرا می‌کشم

Нохудои киштӣ май метавонам шуд кулем

ناخدای کشتی می می‌توانم شد کلیم

Бурдборами ҳамчуи киштӣ гарчи дарё май кашам

بردبارم همچو کشتی گرچه دریا می‌کشم