Ҳар дам машав савор ба азми шикори ман
هر دم مشو سوار به عزم شکار من
Оташ мазан бахонаи зини шаҳсавори ман
آتش مزن بخانه زین شهسوار من
Кӯтоҳи гашт аз ҳамаи ҷои риштаи умед
کوتاه گشت از همه جا رشته امید
Аз бскаҳи рӯзгор гиреҳ зад бакори ман
از بسکه روزگار گره زد بکار من
Пажмурдаи гашти гулшани айшам чунонкӣ нест
پژمرده گشت گلشن عیشم چنانکه نیست
Як гули дарав ки ханда занад бар баҳори ман
یک گل درو که خنده زند بر بهار من
Шуд синаи чоку сӯзани мижгони ту дамӣ
شد سینه چاک و سوزن مژگان تو دمی
Чун ришта сиришк наёяд бакори ман
چون رشته سرشک نیاید بکار من
Саҳро кунун хушаст ки аз файз гиря ам
صحرا کنون خوشست که از فیض گریه ام
Рӯидаи сабза чун мижаи обдори ман
روییده سبزه چون مژه آبدار من
Зангор гирад оинагар дар бағали нуҳум
زنگار گیرد آینه گر در بغل نهم
Аз бас мукаддараст дили пари ғубори ман
از بس مکدرست دل پر غبار من
Ойинаи исти ҷом ва ту ҳайрони хештан
آئینه ایست جام و تو حیران خویشتن
Соғар аз он з каф нанаҳй мегусор ман
ساغر از آن ز کف ننهی میگسار من
Хам гарчи солҳо ба Флотўн нишаста аст
خم گرچه سالها به فلاطون نشسته است
Давр аз лабат накард алоҷи хумори ман
دور از لبت نکرد علاج خمار من
Гармаст бскаҳи турбатам аз сӯз дил кулем
گرم است بسکه تربتم از سوز دل کلیم
Шамъ аз ду сар гудохта шуд бар мазори ман
شمع از دو سر گداخته شد بر مزار من