Фузун аз сабр Айюбаст тоби меҳнати даврӣ
فزون از صبر ایّوبست تاب محنت دوری
Ки ранҷурӣ набошад ончунон мушкил ки маҳҷӯрӣ
که رنجوری نباشد آنچنان مشکل که مهجوری
Чунон бирўии ту дасту дилам аз кори худ монда
چنان بی روی تو دست و دلم از کار خود مانده
Ки соғар дар кафами лабрез ва ман мардуми зи махмурӣ
که ساغر در کفم لبریز و من مُردم ز مخموری
зи гӯши ин нуктаи пери Муғон берун нахоҳад шуд
ز گوش این نکتهٔ پیرِ مُغان بیرون نخواهد شد
Ки мастӣ хоксорӣ оварад , парҳези мағрурӣ
که مستی خاکساری آوَرَد، پرهیز مغروری
зи чашми эътибори халқ чун пинҳони шӯии доне
ز چشمِ اعتبارِ خلق چون پنهان شوی دانی
Ки бошад мастӣу расвои мо айни мастурӣ
که باشد مستی و رسواییِ ما عین مستوری
Ту ҳамчун шуълаи саркаши заҳри олоишии покӣ
تو همچون شعلهٔ سرکش زِ هر آلایشی پاکی
зи мо гардӣ ба домон ту нанишинад магари даврӣ
ز ما گردی به دامانِ تو ننشیند مگر دوری
Насиб мо нашуд як бори дидори туро дидан
نصیب ما نشد یک بار دیدار تو را دیدن
Ба хобати ҳам наме байнам , зиҳии кӯрии зиҳии кӯрӣ
به خوابت هم نمیبینم، زهی کوری زهی کوری
Чунон олам ба банди эътибори зоҳири афтода
چنان عالم به بندِ اعتبارِ ظاهر افتاده
Ки парвона насузад гар набошад шамъи кофурӣ
که پروانه نسوزد گر نباشد شمعِ کافوری
Нагӯйӣ беасар дигар кулем ин ашкризӣ ро
نگویی بیاثر دیگر کلیم این اشکریزی را
зи бахтами гиряи охири ҳам сиёҳии барад ва ҳам шурӣ
ز بختم گریه آخر هم سیاهی بُرد و هم شوری